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भारत के टीवी चैनलों को रफ़ाल बनाने वाली फ्रांसीसी कम्पनी ‘दसाल्ट’ का धन्यवाद पत्र



- कुमार नरेंद्र सिंह

प्रिय दुर्दांत बकलोलों, 
हम इतने सालों से रफ़ाल प्लेन का निर्माण कर रहे हैं, तब भी हमें प्लेन की इतनी विशेषताओं का पता नहीं था, जितनी पिछले कुछ दिनों में आप लोगों ने बताई हैं या ढूँढ निकाली हैं। इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित करने को हमारे मुँह में शब्द नहीं है, जीभ तालु से चिपक गई है और जबड़े आपस में ही टकरा रहे है। ‘रफ़ाल‘  के बारे में जिन गुणों, विशेषताओं का पता आपके द्वारा चला है वे निम्न हैं :- 

1. इस विमान को ख़रीदते ही कोई भी देश सामरिक दृष्टि से विश्व शक्ति बन जाता है। 
2. दुश्मन देश थर-थर कांपने लगते हैं। 
3. ये विमान अकेले ही किसी भी देश को तहस नहस कर सकता है। 
4. इस विमान से पड़ोसी दुश्मनों को कोई नहीं बचा सकता है। 
5. ये विमान ख़रीदते ही देश की जनता घोड़े या उनके पास जो जानवर हैं, बेच कर सो सकती है। 
6. ये विमान देश की लिए गेम-चेंजर होता है। 

इसके अलावा बहुत सी गोपनीय टेक्निकल विशेषताएं भी हमें आपके द्वारा ज्ञात हुई है, जिनका उल्लेख हम यहाँ नहीं कर सकते क्योंकि इस पर हमारे engineer अभी तक शर्मिन्दा हो रहे हैं। चुल्लू भर पानी में डूबने वाले थे पर डूबे नहीं। होश खोने वाले थे पर खोए नहीं। शर्म से पानी पानी होने वाले थे, पर अफ़सोस कि हुए नहीं। धरती में समाए भी नहीं।
हमारे पास सैकड़ों ‘रफ़ाल’ खड़े हैं पर हमारी सरकार की आज तक किसी देश को तो छोड़िए ISIS पर भी बम गिराने की हिम्मत नहीं हुई। हमारी निक्कमी फ्राँसीसी सरकार विश्वशक्ति होने का भी दावा भी नहीं कर पाई है।

आप सभी चैनलों को साधुवाद। हमारी मार्केटिंग टीम इनको बेचने के लिए जो आज तक नहीं कर पाई, वह आपने कर दिखाया है। ऐसे ही सहयोग करते रहिए।
आपका
COO
Dassault Aviation 
France

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