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हमने स‌नम को ख़त लिखा

हमें बस ये पता है वो, बहुत ही खूबसूरत है लिफ़ाफ़े के लिए लेकिन पते की भी जरूरत है हम ने सनम को ख़त लिखा, ख़त में लिखा ऐ दिलरुबा, ...
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ख़त किसलिए रखे हैं जला क्यों नहीं देते?

एक बार ही जी भर के सज़ा क्यूं नहीं देते? मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूं तो मिटा क्यूं नहीं देते? जब प्यार नहीं है तो भुला क्यों नहीं देते? ...
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तेरे ख़ुशबू में बसे ख़त मैं जलाता कैसे?

तेरे खुशबू में बसे खत मैं जलाता कैसे प्यार में डूबे हुए खत मैं जलाता कैसे तेरे हाथों के लिखे खत मैं जलाता कैसे जिनको दुनिया की ...
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ख़त लिख दे सांवरिया के नाम बाबू

अब के बरस भी बीत न जाये ये सावन की रातें देख ले मेरी ये बेचैनी और लिख दे दो बातें ... ख़त लिख दे सांवरिया के नाम बाबू कोरे कागज़...
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लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में

लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारो रंग के नज़ारे बन गये सवेरा जब हुआ, तो फूल बन गये जो रात आई तो सितारें बन गये कोई नगमा कहीं ...
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प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है

प्यार का पहला खत लिखने में वक़्त तो लगता है नये परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है जिस्म की बात नही थी उनके दिल तक जाना था लंबी दूरी...
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तुम्हारे ख़त में नया इक सलाम किस का था?

शायर - दाग़ देहलवी तुम्हारे ख़त में नया इक सलाम किस का था न था रक़ीब तो आख़िर वो नाम किस का था वो क़त्ल कर के हर किसी से पूछते हैं ...
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फूल तुम्हे भेजा है ख़त में

फूल तुम्हे भेजा है ख़त में, फूल नहीं मेरा दिल है प्रियतम मेरे मुझ को लिखना, क्या ये तुम्हारे काबिल है प्यार छुपा है खत में इतना जितने ...
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वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था

वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था कुछ और भी हो गया नुमाया मैं अपना लिखा मिटा रहा था उसी का ईमां बदल गया है कभ...
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डाकिया डाक लाया, डाक लाया

डाकिया डाक लाया, डाक लाया ख़ुशी का पयाम कहीं दर्दनाक लाया डाकिया डाक लाया ... इन्दर के भतीजे की साली की सगाई है ओ आती पूरणमासी को क़रा...
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उसका जो ख़त मिला तो मुझे स‌ोचना पड़ा

शायर- फ़राग़ रोहवी देखा जो आईना तो मुझे सोचना पड़ा ख़ुद से न मिल सका तो मुझे सोचना पड़ा उस का जो ख़त मिला तो मुझे सोचना पड़ा अपना स...
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चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है

चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है बड़े दिनों के बाद, हम बे-वतनों को याद वतन की मिट्टी आई है... ऊपर मेरा नाम लिखा है, अन्दर ये पैग़ाम लि...
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कबूतर जा, जा, जा, कबूतर जा जा जा

कबूतर जा, जा, जा कबूतर जा जा जा पहले प्यार की पहली चिट्ठी साजन को दे आ कबूतर जा, जा, जा   ... उनसे कहना, जब से गये तुम, मैं तो अधूरी ...
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