हमें बस ये पता है वो, बहुत ही खूबसूरत है
लिफ़ाफ़े के लिए लेकिन पते की भी जरूरत है
हम ने सनम को ख़त लिखा, ख़त में लिखा
ऐ दिलरुबा, दिल की गली, शहर-ए-वफ़ा
पहुंचे ये ख़त जाने कहां, जाने बने क्या दास्तां
उस पर रकीबों का ये डर, लग जाए उनके हाथ गर
कितना बुरा अंजाम हो, दिल मुफ्त में बदनाम हो
ऐसा ना हो, ऐसा ना हो, अपने खुदा से रात दिन
मांगा किये हम ये दुआ
पीपल का ये पत्ता नहीं, कागज़ का ये टुकड़ा नहीं
इस दिल का ये अरमां है, इस में हमारी जान है
ऐसा गजब हो जाए ना, रस्ते में ये खो जाए ना
हमने बड़ी ताकीद की, डाला इसे जब डाक में
ये डाकबाबू से कहा
बरसों जवाब-ए-यार का, देखा किये हम रास्ता
एक दिन वो ख़त वापस मिला और डाकिये ने ये कहा
इस डाकखाने में नहीं, सारे जमाने में नहीं
कोई सनम इस नाम का, कोई गली इस नाम की
कोई शहर इस नाम का
गायक : लता मंगेशकर,
फिल्म : शक्ति (1982)
लिफ़ाफ़े के लिए लेकिन पते की भी जरूरत है
हम ने सनम को ख़त लिखा, ख़त में लिखा
ऐ दिलरुबा, दिल की गली, शहर-ए-वफ़ा
पहुंचे ये ख़त जाने कहां, जाने बने क्या दास्तां
उस पर रकीबों का ये डर, लग जाए उनके हाथ गर
कितना बुरा अंजाम हो, दिल मुफ्त में बदनाम हो
ऐसा ना हो, ऐसा ना हो, अपने खुदा से रात दिन
मांगा किये हम ये दुआ
पीपल का ये पत्ता नहीं, कागज़ का ये टुकड़ा नहीं
इस दिल का ये अरमां है, इस में हमारी जान हैऐसा गजब हो जाए ना, रस्ते में ये खो जाए ना
हमने बड़ी ताकीद की, डाला इसे जब डाक में
ये डाकबाबू से कहा
बरसों जवाब-ए-यार का, देखा किये हम रास्ता
एक दिन वो ख़त वापस मिला और डाकिये ने ये कहा
इस डाकखाने में नहीं, सारे जमाने में नहीं
कोई सनम इस नाम का, कोई गली इस नाम की
कोई शहर इस नाम का
गायक : लता मंगेशकर,
गीतकार : आनंद बक्षी,
संगीतकार : राहुलदेव बर्मनफिल्म : शक्ति (1982)