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अभी और कितना गिरोगे स‌ेंसेक्स?

- रवींद्र रंजन 

प्रिय स‌ेंसेक्स,
यह उम्मीद तो नहीं कर स‌कता कि तुम स‌कुशल होगे। दूसरों की नींद और चैन उड़ाकर ठीक स‌े तो तुम भी नहीं रह स‌कते। लेकिन निवेशकों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। उन्हें तो माफ कर दो। बख्श दो। वो तो बेचारे 'अच्छे दिनों' के झांसे में आ गये थे। लेकिन इसकी स‌जा तुम उन्हें इस रह बर्बाद करके दोगे, ये तो उनके दुश्मनों ने भी नहीं स‌ोचा होगा। तुमने तो हद ही कर दी है। गिरने की स‌ारी स‌ीमाएं तोड़कर क्यों निवेशकों की नींद हराम कर रहे हो?
An old Tweet of Sushma Swaraj, Minister of External Affairs of India

तुम्हारी वजह स‌े स‌रकार को भी शर्मिंदा होना पड़ रहा है। लोग तरह-तरह की बातें बना रहे हैं। स‌ोशल मीडिया में स‌ेंसेक्स के बहाने लोगों को 'राष्ट्रवादी स‌रकार' की बेइज्जती करने का मौका मिल गया है। फेसबुक पर तो एक स‌ज्जन (?) कह रहे थे कि स‌रकार की छवि खराब कर रहे इस मुए स‌ेंसेक्स को 'देशद्रोही' घोषित कर देना चाहिए। स‌ुषमा जी भी कहीं नजर नहीं आ रही हैं जो मनमोहन स‌रकार के स‌मय स‌ेंसेक्स के गिरने को प्रधानमंत्री की गरिमा स‌े जोड़ा करती थीं। लोग ताल ठोक के पूछ रहे हैं कि मोदी जी, सेंसेक्स और रुपये का गिरना अब भी राष्ट्रीय शर्म है या नहीं?

स‌ेंस‌ेक्स की इस गिरावट की वजह स‌े स‌रकार की ही नहीं, दुनिया के स‌बस‌े बड़े (मिस्ड कॉल वाले) राजनीतिक दल की भी किरकिरी हो रही है। एक स‌ाहब ने स‌ोशल मीडिया पर लिखा कि लगता  है स‌ेंसेक्स भी भाजपा में शामिल हो गया है, अभी और गिरेगा! पिछले पांच दिनों स‌े निवेशकों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं। उनके लाखों-करोड़ों रुपये एक झटके में डूब चुके हैं। 'प्रॉमिस डे' पर वाकई निवेशकों के स‌ाथ बहुत बड़ा धोखा हो गया। 'मोदीनॉमिक्स' की जुमलेबाजी करने वाले पता नहीं मुंह छिपाकर किस बिल में घुस गये हैं?

हमारे वित्त मंत्री अरुण जेटली स‌ाहब भी कम मजेदार बातें नहीं करते। कह रहे हैं कि बढ़ती मंहगाई, गिरती अर्थ-व्यवस्था, सेंसेक्स और रुपये की गिरावट को रोकना स‌रकार के वश में नहीं है। इसके लिए तो दुनिया की अर्थ व्यवस्था जिम्मेदार है। मतलब इस गिरावट में स‌रकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है? लेकिन जेटली जी, आप जब विपक्ष में थे तब तो आपका 'अर्थशास्त्र ज्ञान' कुछ और ही कहता था? तब तो आपकी पार्टी के नेता स‌ेंसेक्स की गिरावट को स‌रकार की नाकामी बताते थे? इसका मतलब स‌त्ता हासिल करने के लिए आप पब्लिक को मूर्ख बना रहे थे? जब अपनी स‌रकार न हो तो स‌ेंस‌ेक्स का गिरना स‌रकार की नाकामी है, अपनी स‌रकार हो तो स‌रकार जिम्मेदार नहीं है?

खैर स‌ेंसेक्स, जेटली स‌ाहब की छोड़े तुम अपनी बताओ। ये बाजार खुलते ही तुम्हारे गिरने का स‌िलसिला कब तक चलेगा? कभी-कभार उठना भी स‌ीखो। अपनी गिरी हुई हरकतें अब तो छोड़ो। ताकि पूरा देश नहीं तो कम स‌े कम देश की 31 फीसदी जनता ही 'अच्छे दिन' का अहसास कर स‌के।

तुम्हारी इस गिरावट ने बहुत लोगों को शर्मसार किया है। खुद को 'मार्केट एक्सपर्ट' बताकर इतराने वालों को भी तुमने झूठा स‌ाबित कर दिया है। आजकल उनकी शक्लें देखकर लगता है कि जैसे उनके गाल पर किसी ने जोरदार तमाचा रसीद कर दिया हो। अपना स‌ा मुंह लेकर बैठे हैं, बेचारे! कोई मानने को तैयार नहीं कि वो शेयर बाजार के 'एक्सपर्ट' हैं।

भगवान ऎसा दिन दुश्मन को भी न दिखाए। रोज डे,  प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे, किस डे पर तो तुम हफ्तेभर स‌े अपने रंग दिखा ही रहे हो। कल वेलेंटाइन डे है। आशिक और माशूक प्यार में गिरेंगे, लेकिन उनको गिरता देखकर तुम और मत गिर जाना। शुक्र है कल रविवार है। तुम बंद रहोगे। प्लीज यार, कुछ तो खयाल रखो। कहां तो दुनिया भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का 'डंका' बज रहा है और कहां तुम घर में ही उनकी 'लंका' लगाने पर आमादा हो। बिहेब योरसेल्फ।

तुम्हारी गिरी हुई हरकत स‌े मायूस 
एक निवेशक
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