आदरणीय
उप राज्यपाल महोदय, दिल्ली
उप राज्यपाल महोदय, दिल्ली
सर कल रात को खबर आई कि आपने आदरणीय मनीष सिसोदिया जी को अपने काम बीच में छोड़ कर दिल्ली वापस आने का फैक्स भिजवाया है। बड़ा ही अच्छा होता कि आप मुझे या सत्येंद्र जैन जी को बुलाकर अगर आपके मन में कुछ चिंताएं है तो बात कर लेते। 14 तारीख को स्वास्थ्य मंत्री जी ने सभी अधिकारियों की एक मीटिंग की थी, आपने उस मीटिंग के ठीक एक घण्टे बाद उन्हीं अधिकारियों के साथ एक और मीटिंग भी की। आपके द्वारा बुलाई मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री मौजूद थे। वहां ऐसी कोई चिंता आपकी तरफ से नहीं सामने आयी?
हमें बुलाकर बात करने की जगह वहां फ़िनलैंड में मनीष जी को फैक्स भेजने का रहस्य क्या है सर? सत्येंद्र जैन जी और मैं, हम दोनों लगातार प्रयास कर रहे है, अस्पतालों के दौरे, जन संपर्क, फॉगिंग और जन जागरण का काम खुद सबके साथ मिलकर कर रहे हैं। बड़ा अच्छा लगेगा अगर आप भी साथ चलें। कुछ अस्पतालों का दौरा करें। कहीं साथ मिलकर फॉगिंग करें।
और हाँ सर, थोड़ा नगर निगम के मेयर और अधिकारियों से prevention के लिए क्या किया जा रहा है उसका review कर लेते हैं मिलकर। शायद आपके कुछ नए सुझाव भी मिल जाएं।
कुछ शंकायें और सुझाव मेरे मन में है जो आपसे साझा कर रहा हूँ :-
1. कल मनीष जी को फैक्स भेजने से लगभग दो दिन पहले तक आप अमेरिका में छुट्टियां मना रहे थे। काफी लंबे दिनों की छुट्टियों पर चले गए थे इस बार आप। अमेरिका में कहाँ गए थे, कैसी छुट्टियां मनाईं वहां कि कोई फोटो किसी टीवी चैनल के माध्यम से देखने को नहीं मिल पाई। मेरे मन में एक सवाल है, शहर में चिकनगुनिया और डेंगू फैला हुआ था पर आपने अपनी छुट्टियां बीच में नहीं ख़तम की। कोई खोज खबर भी नहीं ली वहां से। एक और आप अपनी छुट्टी का एक घण्टा भी कम नहीं करके वापस आये। और दूसरी ओर 24 घंटे में मनीष जी को काम तक छोड़कर वापस आने का फैक्स? कुछ समझ नहीं आया सर।
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2. कल रात को एक चैनेल विशेष पर टेलिशॉपिंग स्टाइल में इम्पल्स मार्केटिंग हो रही थी। शायद आप पर उसका प्रभाव पड़ गया हो। मैं समझना चाहता हूँ कि मनीष जी तो कल वैसे भी वापस आ रहे हैं उन्हें फैक्स भेजकर बुलाकर आप क्या चर्चा करना चाहते हैं? मैं और सत्येंद्र जैन जी यहीं हैं, आप बताएं हम आकर आपसे वो चर्चा कर लेते हैं जो आप मनीष जी से करना चाहते हैं। आप इस शहर के एडमिनिस्ट्रेटर है, मंत्री होने के नाते मैं समझाना चाहता हूँ कि आपके ऐसे रिएक्शन से किसी टीवी चैनल का भला तो हो सकता है, पर शहर में पैनिक फैलता हैं । मत किया कीजिये ऐसा।
सर, ये मच्छर जो है, ये खून चूसता है। हमारा ही खून चूसता है और बीमारियों के वायरस खून में मिलाता है। जिससे बुखार, जोड़ों में दर्द इत्यादि होता है। एक रोचक बात ये है कि जो मच्छर ज्यादा खून चूस लेता है वो उड़ नहीं पाता। हम आजकल खूब मच्छर रोधी अभियान चला रहे हैं।
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अंत में पुनः सविनय निवेदन ये है कि मनीष जी से चर्चा करने के लिए जो भी विचार आपने सोचे हैं वो उनके आने तक मुझसे या सत्येंद्र जी से बेझिझक शेयर कर सकते हैं और दूसरा आज शाम को चार बजे टाउन हॉल में आपकी राह देखेंगे #OneDelhi से जुड़िये। आपको वहां आकर शांति मिलेगी।
आपके जवाब में इंतज़ार में।
आपका

