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500 और 1000 की नोट बंदी, मोदी जी सच कहूं तो इसे ही कहते हैं गुड़ गोबर करना !

-संजय तिवारी
दोस्तों, बढ़ती महंगाई, बढ़ता आंतकवाद और बढ़ता ब्लैक मनी के कारण यह तो सभी चाहते थे की 500 और 1000  का नोट चेंज होना चाहिये था कांग्रेस सरकार यह हिम्मत नहीं जुटा पायी पर मोदी सरकार ने यह कर दिखाया... परन्तु मैं यह क्यों कह रहा हूँ कि सब कुछ कर के भी कहीं  ना कहीं मोदी सरकार ने गुड़ गोबर कर दिया है तो इसके निम्न लिखित कारण है 

1 ) पहली गलती यह हुयी कि जोश में आ कर बिना किसी प्लान के ही लांच कर दिया। ... अगर आपने 6 month पहले से नोट चेंज करने का प्लान कर लिया था और नए नोट छाप रहे थे तो मार्केट में भी प्लान करके उतरते जैसे 8 nov की रात तक ATM से 500 और 1000 के नोट निकल रहे थे थोड़ा सा प्लान करके 3 -4 दिन पहले से ATM से ओनली 100 का नोट निकलता तो सबके पास नेक्स्ट 4 -5 दिन के लिए पर्याप्त पैसा होते और जैसी अब अफरा तफरी हो रही है वैसी नहीं होती माँ बाप के पास पैसे होते हुये भी अपने बच्चो क़ो खिला नहीं पा रहे है इलाज नहीं करा पा रहे है शादिया नहीं कर पा रहे है 
2 ) 500 और 1000 के नोट बंद किये है तो फिर 2000  तक के नये नोट क्यों ले आये... ये तो ऐसा हुआ की छोटे खड्डे से निकाल कर और बड़े खड्डे में गिरा दिया... इतना ताम झाम किया सबको परेशान भी किया पर मुसीबत तो ज्यो की त्यों है बेटर होता आप रामदेव बाबा की बात मानते और 500 ,1000 नोट हमेशा के लिये बंद कर देते, डेली लाइफ के काम के लिये 10 20 50 100 के नोट ही काफी थे बड़े लेन देन क्रेडिट, डेबिट कार्ड और चेक के द्धारा  या NEFT के द्धारा हो जाता है 

3 ) नये नोट अगर लाना ही था तो कुछ ऐसा करते जिस से उसकी डुप्लीकेसी ना हो पाती जैसे Australian डॉलर जो प्लास्टिक के है जिसकी कोई डुप्लीकेसी नहीं कर सकता और पब्लिक तो पॉकेट में रख कर नहा भी लेती है भीग जाने और फटने का डर भी नहीं रहता। ... मैंने अभी 2000 का नोट देखा उसमे ऐसा कुछ भी नहीं है जिस से डुप्लीकेसी रुक सके सोचिये नेक्स्ट दो महीने  तक हमारी जनता परेशान रहने वाली है कहीं उस से पहले ही पाकिस्तान से डुप्लीकेट नोट आने शुरू हो गये तो क्या होगा 

सच कहूं तो इसे ही कहते हैं गुड़ गोबर करना [अगर आप भी लिखना चाहते हैं कोई ऐसी चिट्ठी, जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो हमें लिख भेजें- merekhatt@gmail.com. हमसे फेसबुकट्विटर और गूगलप्लस पर भी जुड़ें]
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