सेवा में,
मानव संसाधन मंत्रालय
नई दिल्ली
तारीख- 6 अप्रैल, 2016
NIT श्रीनगर में पढ़ने वाले सभी भारतीय छात्रों की निम्नलिखित मांगें हैं
1- यहां पढ़ने वाले सभी बाहरी छात्रों को तत्काल यहां से निकाला जाए।
2-हम चाहते हैं कि एनआईटी श्रीनगर को कहीं और भारत के किसी भी कोने में शिफ्ट कर दिया जाए। हम छात्र यहां सुरक्षित नहीं हैं और यहां का वातावरण पढ़ाई के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है।
3- हम चाहते हैं कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो और जम्मू-कश्मीर के पुलिस अफसरों खासकर डीएसपी, एसपी और एसएसपी औऱ जो भी बेरहमी से किए गए इस लाठीचार्ज, छात्रों पर छोड़ी गई आंसू गैस के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा एनआईटी श्रीनगर प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई हो साथ ही जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे तुरंत लिये जाएं।
हम सभी छात्र सर्वसम्मति से एनआईटी श्रीनगर के बहिष्कार का ऎलान करते हैं। अपनी सभी मांगे पूरी होने तक हम संस्थान की शैक्षिक गतिविधियों में भी हि्स्सा नहीं लेंगे और हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इन मुद्दों पर हमारे साथ अगर किसी तरह की चर्चा (अगर जरूरी हो तो) नई दिल्ली में ही संभव होगी। कैंपस में हमें किसी के साथ कोई बात नहीं करनी, चाहे वो खुद मानव संसाधन मंत्री ही क्यों न हों।
कृपया इस मसले में जितनी जल्दी संभव हो कार्रवाई की जाए।
धन्यवाद
प्रार्थी
NIT श्रीनगर में पढ़ने वाले
सभी बाहरी छात्र
मानव संसाधन मंत्रालय
नई दिल्ली
तारीख- 6 अप्रैल, 2016
NIT श्रीनगर में पढ़ने वाले सभी भारतीय छात्रों की निम्नलिखित मांगें हैं1- यहां पढ़ने वाले सभी बाहरी छात्रों को तत्काल यहां से निकाला जाए।
2-हम चाहते हैं कि एनआईटी श्रीनगर को कहीं और भारत के किसी भी कोने में शिफ्ट कर दिया जाए। हम छात्र यहां सुरक्षित नहीं हैं और यहां का वातावरण पढ़ाई के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है।
3- हम चाहते हैं कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो और जम्मू-कश्मीर के पुलिस अफसरों खासकर डीएसपी, एसपी और एसएसपी औऱ जो भी बेरहमी से किए गए इस लाठीचार्ज, छात्रों पर छोड़ी गई आंसू गैस के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा एनआईटी श्रीनगर प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई हो साथ ही जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे तुरंत लिये जाएं।
हम सभी छात्र सर्वसम्मति से एनआईटी श्रीनगर के बहिष्कार का ऎलान करते हैं। अपनी सभी मांगे पूरी होने तक हम संस्थान की शैक्षिक गतिविधियों में भी हि्स्सा नहीं लेंगे और हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इन मुद्दों पर हमारे साथ अगर किसी तरह की चर्चा (अगर जरूरी हो तो) नई दिल्ली में ही संभव होगी। कैंपस में हमें किसी के साथ कोई बात नहीं करनी, चाहे वो खुद मानव संसाधन मंत्री ही क्यों न हों।
कृपया इस मसले में जितनी जल्दी संभव हो कार्रवाई की जाए।
धन्यवाद
प्रार्थी
NIT श्रीनगर में पढ़ने वाले
सभी बाहरी छात्र