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25 साल की उम्र में जिंदगी को अलविदा कहने वाली अभिनेत्री जिया खान का आखिरी ख़त


“मैं नहीं जानती कि तुमसे ये बात कैसे कहूं मगर मैं इतना जानती हूं कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। मैं पहले ही सब कुछ खो चुकी हूं। अगर तुम इसे पढ़ रहे हो तो मैं पहले से ही जा चुकी होउंगी या जाने वाली होउंगी। मैं अंदर से टूट चुकी हूं। हो सकता है कि तुम ये बात न जानते हो मगर तुम मेरे दिलो-दिमाग पर इतना हावी थे कि तुमसे प्यार करने में मैंने खुद को भी भुला दिया। भले ही तुम मुझे हर दिन सताते रहे। इन दिनों मुझे कोई भी उम्मीद की किरण नजर नहीं आती, मुझे न चाहते हुए भी जीना पड़ रहा है। 

एक वक्त था जब मैंने अपनी ज़िंदगी तुम्ही में पाई थी। अपना भविष्य भी तुम्ही में पाया था। मगर तुमने मेरे ख्वाब चकनाचूर कर दिए। मैं खुद को अंदर से बेजान महसूस करती हूं। मैंने किसी को भी इतना जी-जान से नहीं चाहा या इतनी परवाह नहीं की। तुमने मेरे प्यार का बदला धोखे व झूठ से दिया। यह मायने नहीं रखता कि मैंने तुम्हे कितने तोहफे दिए या मैं तुम्हारे लिए कितनी खूबसूरत नजर आना चाहती थी। मुझे गर्भवती होने का भी डर था मगर मैंने अपना सब कुछ सौंप दिया। तुमने हर रोज़ जो दर्द मुझे दिया उसने मेरे जिस्म के कतरे-कतरे को तबाह कर डाला, मेरी रूह को मार डाला। मैं न तो खा सकती थी। न ही सो सकती थी। न सोच सकती थी और न ही कुछ काम कर सकती थी।
मैं हर चीज से दूर होती जा रही थी। मेरी ज़िंदगी के मुकाम की कोई अहमियत नहीं रह गई थी। जब मैं तुमसे पहली बार मिली थी तो जोश, उमंग व जज्बे से भर उठी थी। तब मैं तुम में खो गई थी। मेरा मानना था कि ये प्यार मुझे और बेहतर बनाएगा। मुझे नहीं मालूम कि किस्मत ने हमें क्यों मिलवाया। आखिरकार दर्द, बलात्कार, गालियां, सितम मैं पहले भी झेल चुकी थी। मगर मैं इसकी हकदार नहीं थी। मैंने तुम्हारी तरफ से कोई भी प्यार व जज्बा नहीं पाया। मेरा डर लगातार बढ़ता ही जा रहा था कि तुम मुझे शारीरिक व मानसिक तौर पर सताओगे। 

तुम्हारी ज़िंदगी पार्टीबाजी व औरतों में डूबी हुई थी। मेरी ज़िंदगी में तुम और मेरा काम था। अगर मैं यहां रहती हूं तो मैं तुम्हारे लिए तरसूंगी और तुम्हारी कमी महसूस करूंगी। इसलिए मैं अपने 10 साल के कैरियर व ख्वाबों को चूमते हुए अलविदा कहती हूं। मैंने तुम्हे कभी नहीं बताया मगर मुझे तुम्हारे बारे में एक खबर मिली थी। इस बारे में कि तुम मुझे धोखा दे रहे हो। मैंने जानबूझ कर इसकी परवाह नहीं की और तुम पर ही यकीन करने का फैसला किया। 


तुमने मुझे शर्मसार किया है। मैं कभी बाहर नहीं गई, मैं कभी किसी और के साथ भी नहीं गई। मैं एक वफादार इंसान हूं। मैं कार्तिक समेत किसी से कभी नहीं मिली, मैं तो बस तुम्हे यह एहसास करवाना चाहती थी कि तुम लगातार मुझे कैसा एहसास करवाते रहते हो। कोई भी दूसरी औरत तुम्हारे लिए इतना नहीं करेगी जितना मैंने किया या तुम्हे इतना प्यार नहीं करेगी जितना मैंने किया।
मैं यह सब कुछ अपने खून से लिख सकती हूं। यहां पर हालात मेरे पक्ष में हैं, मगर इनका कोई मतलब है जब आप लगातार दिल टूटने का दर्द झेल रहे हों, जब आपका चहेता शख्स आपको गालियां देना चाहता हो या आपकी पिटाई करने के लिए आपको धमकाता हो या दूसरी लड़कियों को सुंदर कहकर आपको धोखा देता हो या आपको अपने घर से बाहर तब धकेल देता हो जब आपके पास रहने का कोई ठिकाना न हो और आप उसके पास प्यार की वजह से आ रहे हों या जब वह आपके मुंह पर ही झूठ बोलता हो या वह आपको अपने पीछे अपनी गाड़ी में आने पर मजबूर करे। या अपने परिवार का आदर न करे। यहां तक कि तुम मेरी बहन से भी कभी नहीं मिले। मैंने तुम्हारी बहन के लिए भी तोहफे खरीदे। 


तुमने तो मेरी रूह तक को चीर डाला है। अब और ज्यादा जीने की मेरे पास कोई वजह नहीं है। मैं प्यार के सिवा कुछ नहीं चाहती थी। मैंने तुम्हारे लिए सबकुछ किया। मैं हमारे लिए काम कर रही थी। मगर तुम कभी भी मेरे हमसफर नहीं रहे। मेरा भविष्य तबाह हो गया है, मेरी खुशियां मुझसे छीन ली गई हैं। मैंने हमेशा ही तुम्हारा भला चाहा, तुम्हारी भलाई के लिए मैं अपनी छोटी से छोटी हरेक पूंजी लगाने के लिए तैयार थी। तुमने मेरे प्यार की कभी कद्र नहीं की, बल्कि तुमने मेरे चेहरे पर ही लातें मारी। 

अब मुझमें बिल्कुल भी आत्मविश्वास या आत्मसम्मान नहीं बचा, फिर चाहे वह हुनर हो या चाहत तुमने यह सबकुछ छीन लिया। तुमने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी। मुझे यह बात इतनी बुरी लगी कि मैंने पूरे दस दिनों तक तुम्हारा इंतजार किया, मगर तुमने मेरे लिए कुछ भी खरीदने की परवाह नहीं की। गोवा ट्रिप मेरे जन्मदिन का तोहफा था मगर यहां भी तुमने मुझे धोखा दिया और मैं ही तुम पर खर्च करती रही। मैंने अपने बच्चे को तब गिरवा दिया जब यह बात गहराई से मेरे दिल पर जा लगी। जब मैं लौटी तो तुमने मेरे क्रिसमस और मेरे जन्मदिन को बर्बाद कर दिया। जब मैंने तुम्हारे जन्मदिन को खास बनाने के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया था, तब तुमने वैलेंटाइन डे पर मुझसे दूरी बनाना बेहतर समझा। 


तुमने मुझसे वादा किया था कि जब हम एक बार एक साल तक रह लेंगे तो हम सगाई कर लेंगे। ज़िंदगी में तुम्हारी जो चाहते थी, वो महज पार्टीबाजी करना, औरतों को भोगना व अपनी स्वार्थी जरूरतों को पूरा करना था। मैं बस तुम्हे चाहती थी और मेरी खुशियां सिर्फ तुम्ही थे, और ये दोनों ही तुमने मुझसे छीन लिए। मैंने बिना खुद की परवाह किए तुम पर पैसे खर्च किए और तुमने मेरे चेहरे पर हमले किए। मैं तुम्हारे लिए कब नहीं तड़पी। इन सब चीजों के बाद अब जीने के लिए इस दुनिया में मेरे पास कुछ नहीं बचा है। 


काश तुमने मुझे वैसे ही चाहा होता जैसे मैंने तुम्हे चाहा। मैं अपने भविष्य के सपने संजोती थी। मैं अपनी कामयाबियों के ख्वाब बुनती थी। मैं इस जहां से कुछ भी नहीं लेजा रही सिवाय टूटे ख्वाबों व अधूरे वादों के। अब मैं बस सोना चाहती हूं और दोबारा कभी नहीं उठना चाहती। मैं एकदम खाली हूं। मेरे पास सबकुछ था। मैं तुम्हारे साथ रहते हुए भी काफी अकेलापन महसूस करती थी। तुमने मुझे अकेलापन व कमजोर महसूस करवाया। मैं इन सब चीजों से कहीं ज्यादा बड़ी हूं।”
जिया खान
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